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बेहद खतरनाक हो सकते हैं नकली सॉफ्टवेयर


नई दिल्ली। बाजार में धड़ल्ले से बिकने वाले नकली सॉफ्टवेयर किसी भी संस्था या संगठन या व्यक्ति विशेष की अति संवेदनशील सूचनाओं के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।

बाजार का अध्ययन करने वाली संस्था केपीएमजी द्वारा ‘नकली सॉफ्टवेयरों के इस्तेमाल के अनदेखे परिणाम – एक असहज सच्चाई’ शीर्षक से जारी सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल सरकारी या कॉर्पोरेट संगठनों या व्यक्तिगत तौर पर कम्प्यूटरो का इस्तेमाल करने वालों के लिए भारी मुसीबत खड़ा कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि 39 फीसदी संगठनो में अहम सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ या आकंड़ों के नष्ट हो जाने का मुख्य कारण नकली सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल था। इसी तरह जिन कम्पनियों में घटिया और नकली सॉफ्टवेयर इस्तेमाल में थे उनकी कम्प्यूटर प्रणालियों में खामियों की सम्भावना 43 फीसदी थी।

केपीएमजी के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार सेवा के कार्यकारी निदेशक अखिलेश टुटेजा ने बताया कि पिछले दो दशक के दौरान इंटरनेट के इस्तेमाल का विस्तार जितनी तेजी से हुआ कम्प्यूटर में नकली सॉफ्टवेयरों के इस्तेमाल की घटनाएं भी उतनी ही तेजी से बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि असली सॉफ्टवेयर महंगे होने के कारण लोग इंटरनेट पर उपलब्ध उनकी नकल को आसानी से हासिल करने की कोशिश करते हैं पर आगे चलकर यह उनके लिए एक बड़े संकट का कारण बनते हैं।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट के जरिए मिलने वाले इन सॉफ्टवेयरों की प्रामाणिकता की जांच सम्भव नहीं होती लिहाजा इस्तेमाल के पहले इनके नुकसान का आंकलन करना मुश्किल होता है।

केपीएमजी की इस रिपोर्ट में नकली सॉफ्टवेयरों के नुकसान पर विस्तार से प्रकाश तो डाला गया है लेकिन इस समस्या से निबटने के लिए किसी तरह के सुझावों का कहीं उल्लेख नहीं है।

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